- ‘कल्कि 2898 एडी’ की दो नेशनल अवॉर्ड जीत पर वैजयंती मूवीज़ में जश्न
- StudyIQ expands to larger Centre at Indore for UPSC and MPPSC aspirants of Madhya Pradesh
- NIF Global Indore Students Earn Spotlight at ‘The Runway’ During Lakmé Fashion Week × FDCI
- एनआईएफ ग्लोबल इंदौर के स्टूडेंट्स को लैक्मे फैशन वीक × एफडीसीआई के दौरान ‘द रनवे’ पर पहचान मिली
- Areion Finserve appoints Shekhar Ramarajan as Chief Executive Officer
शूटिंग के दौरान ग्रेसी गोस्वामी और आंचल को हो गया नैचुरल प्रोडक्ट्स से प्यार!
मुम्बई : 21वीं सदी की शुरुआत से ही हर्बल और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की मांग बढ़ गई है। केमिकल्स से बनाए जाने वाले उत्पाद अब दरकिनार किए जा रहे हैं और इसी के मद्देनजर, बड़े पैमाने पर नैचुरल और हर्बल प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे हैं, जिससे शरीर को नुकसान भी नहीं पहुंचता। सोनी टीवी के आगामी शो ‘क्यों उत्थे दिल छोड़ आए’ की लीड नायिकाएं ग्रेसी गोस्वामी और आंचल ने भी सेट पर अपने को-स्टार्स के साथ इन प्राकृतिक उत्पादों के फायदों के बारे में लंबी चर्चा छेड़ दी है।
1940 के दशक में भी लोग अपने शरीर के लिए प्राकृतिक उत्पादों का इस्तेमाल करते थे और लंबा एवं निरोगी जीवन जीते थे। एक्ट्रेस ग्रेसी गोस्वामी और आंचल के बीच भी इन हर्बल उत्पादों को लेकर खूब बातें होती हैं, जो इस शो में क्रमशः अमृत और वाश्मा के लीड रोल निभा रही हैं।
अमृत, देश के बंटवारे से पहले लाहौर की रहने वाली लड़की है, जो सपने देखने की हिम्मत करती है और उन्हें पूरे करने की हसरत रखती है। 1947 में भारत के विभाजन से पहले, लाहौर की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘क्यों उत्थे दिल छोड़ आए’ तीन लड़कियों – अमृत, वश्मा और राधा की कहानी है।
इसमें देश की आजादी की कगार पर खड़ी इन लड़कियों के सपनों, उम्मीदों, अरमानों और नए-नए प्यार की दास्तान है। इस समय जहां शो के सेट पर आजादी से पहले का खूबसूरत माहौल तैयार किया गया है, वहीं ये दोनों एक्ट्रेस भी 1940 के दशक में लौट गई हैं, जहां उन्हें आज के समय में हर्बल उत्पादों की जरूरत महसूस होती है।
हर्बल प्रोडक्ट्स को लेकर ग्रेसी कहती हैं, “मेरी मां ने मुझे बचपन से ही सभी नैचुरल प्रोडक्ट्स का महत्व सिखाया और ये भी बताया कि केमिकल युक्त उत्पादों का हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है। जब मैं और आंचल ‘क्यों उत्थे दिल छोड़ आए’ की शूटिंग कर रहे थे, तो हम 1940 के दशक में लौट गए। वो बड़ा सादगी भरा दौर था, जहां लोग नैचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते थे, स्वस्थ खाना खाते थे और लंबी उम्र तक जीते थे। आज के समय में हम भी इन उत्पादों का समर्थन करते हैं, क्योंकि केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स कई बीमारियों और अस्वस्थ जीवनशैली का कारण बन गए हैं। मैं हर्बल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।“
इस शो में ये तीनों लड़कियां खुद अपनी राह चुनेंगी। वो इस बात से बेखबर हैं कि आगे क्या होने वाला है। हालांकि उन्हें इतना जरूर पता है कि आने वाला कल अलग होगा, इसलिए वो तीनों अपना प्यार पाने के सफर पर आगे बढ़ेंगी और सीमाओं के पार जाकर वक्त की कसौटी पर खरी उतरेंगी।


